रंगो का जीवन में एक खास महत्व होता है। हर रंग की अपनी प्रकृति होती है। जैसे हरा रंग, इस रंग को देखकर खुशी होती है। हरियाली का अहसास होता है, इससे कई बीमारयां भी दूर होती है, हरा रंग हाई ब्लड प्रेसर और हार्ट जैसी बीमारियों को दूर करने के लिए अच्छा माना जाता है। सावन में महिलाएं हरे रंग की वस्त्र धारण करती है। महिलाएं आपस में मिलकर नाचती है, गाना गाती, झूमती है । सावन में झूले का बहुत मह्त्व माना जाता है। महिलाएं झूला झूलती है। जो की एक शुभ संकेत होता है।
ऐसा माना जाता है की हरा रंग भाग्य का प्रतिक होता है, आप सब को मालूम ही है कि सावन का महीना तो शुरू हो गया है। सावन में भगवान् शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है। सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है, सावन में कुंवारी लड़कियां अच्छे वर की प्राप्ति के लिए सावन सोमवार का व्रत रखती है। शिव जी की पूजा करती है। सावन खुशियों का प्रतीक माना जाता है। सावन में महिलाएं अक्सर हरे रंग के कपड़े, चूड़ी पहनकर, हाथो में मेहँदी लगाकर अपना सिंगार करती है। हरे रंग की चूड़ियाँ पहनती है माना जाता है। हरा रंग पहनने से विष्णु जी कि विशेष कृपा बनी रहती है।
मान्यता है की सावन के महीने में शिव जी ससुराल आते है, जहाँ उनका धूमधाम से स्वागत किया जाता है उनका अभिषेक दूध और जल से किया जाता है। बेलपत्र, धतूरे का पुष्प से उनकी पूजा की जाती है, माना जाता है की सावन के महीने में भगवान शिव और माता पार्वती का वास होता है। फिर उनकी विधि-विधान से पूजा की जाती है। महिलाएं माता पार्वती को सुहाग का सामान अर्पित करती है, हरे रंग के कपड़े पहनती है। ऐसा माना जाता है की हरे रंग पति-पत्नी के बीच आपसी प्रेम को बढ़ाता है।
बारिश के मौसम में चारो तरफ हरियाली छाई होती है । हरे-हरे पेड़-पौधे होने लगते है लोग झूमने लगते है, महिलाएं जैसे ही सावन का महीना शुरू होता है महिलाएं अपनी-अपनी प्लानिंग शुरू कर देती है। उन्हें हरा रंग बहुत पसंद होता है। सावन के समय बहुत सारी महिलाएं आपस में मिलती है। कुछ प्रोग्राम करती है। प्रोग्राम में कुछ हरियाली से रिलेटेड फंक्शन किये जाते है। जैसे-पेड़ो की बचाव कैसे किया जाए, हमारे वातावरण (एन्वॉयरन्मेंट) को सुरक्षित कैसे कैरे।
सुहागनों के लिए आशीर्वाद माना गया है
शास्त्रों में हरा रंग को सौभाग्य का प्रतीक माना गया है। इसलिए महिलाएं हरे रंग की साड़ी, हरी रंग की चूड़ियाँ, सुहाग की सारी चीजे पहनती है। दुल्हन की तरह तैयार होती है। शिव जी की पूजा करती है जल अर्पित करती है, व्रत रखती है। सुहागन होने के लिए आशीर्वाद मांगती है। सावन के पुरे महीने हरे रंग पहनने वाले के ऊपर प्रकृति की विशेष कृपा होती है। सावन में बारिश के कारण चारो तरफ पेड़ पौधे, हरियाली छाई रहती है। और ऐसे में महिलाएं हरा रंग पहनकर प्रकृति को अपने आप से जुड़ा हुआ समझती है। और इस प्रकार प्रकृति का आशीर्वाद बना रहता है।

शिव की विशेष कृपा होती है
भगवान शिव शंकर सावन में हरे रंग से काफी खुश रहते है। शिव शंकर प्रकृति से जुड़े होते है और ऐसे में जब उनके भक्त गण उनके अनुरूप ढल जाते है तो भगवान शिव जी बहुत प्रसन्न होते है। और भक्तो पे उनकी विशेष कृपा होती है उनका आशीर्वाद भक्तो पे बना रहता है। सावन में इसलिए महिलाएं हरे रंगो के वस्त्र धारण करती है।
हरा रंग को बुध ग्रह का प्रतीक माना जाता है
बुध ग्रह करियर और बिज़नेस से जुड़ा होता है। ज्योतिष शास्त्र के हिसाब से हरा रंग प्रकृति से जुड़ा है, जिनका बुध कमजोर होता है, उन्हें हरे रंग के कपडे पहनने की सलाह दी जाती है। जिससे बुरे प्रभाव दूर हो सके और घरो में सुख शांति बनी रहे। हरा रंग तरक्की के संकेत देते है। धन की वृद्धि होती है। महिलाएं घर की सम्पन्त्ता के लिए प्रार्थना करती है, महिलाएं सावन में हरे रंग के कपड़े पहनना शुभ मानती है। भगवान शिव की पूजा अर्चना करती है।
हरे रंग पहनने के फायदे –
खुशियों का रंग होता है।
पॉजिटिविटी को बढ़ावा देता है।
दिमाग को शांत रखता है।
बिमारियों से बचाता है।
डिप्रेशन से बचाता है।
हरा रंग रचनात्मकता को बढ़ाता है।