अलसी (flax seed) खाने के फायदे

आइये जाने अलसी के बारे में कुछ जानकारियां, वैसे तो अलसी को हम तीसी भी बोलते है, लेकिन अलग-अलग  जगहों पे इसे कई नाम से बोला जाता है।अलसी काले और भूरे रंग के छोटे-छोटे बीज होते है। इसका प्रयोग हम खाने में बहुत सारे, व्यंजनो में जैसे-अलसी की लड्डू, अलसी को भूंजकर के भी खाया जाता है। यह शरीर के लिए बहुत ही फादयेमंद है।  इसके अंनेको गुण होते है, जो की हमारे शरीर के लिए बहुत लाभदायक है। इसका प्रयोग हम कई रोगो के लिए भी करते है। अलसी में आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम और फास्फोरस, ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोटीन और एंटी-ऑक्सडेंट पाए जाते है। जो की हमारे शरीर के लिए बहुत लाभदायक है, तो आइए जाने अलसी के कुछ फायदे। अलसी में ओमेगा-३  पाया जाता है, जो की रक्त प्रवाह को ठीक कर, खून का जमना, खून का थक्का हो जाने से रोकता है। जो की हार्ट अटैक का कारण भी बनता है। यह ब्लड में मौजूद केलेस्ट्रॉल को भी काम करता है।

  • अलसी के प्रयोग से आप अपना वजन भी काम कर सकते है। अगर आप इसका रोज़ाना प्रयोग करते है तो ये आपके शरीर के वसा को काम करता है। अलसी में ओमेगा-३  पाया जाता है, जो की रक्त प्रवाह को ठीक कर, खून का जमना, खून का थक्का हो जाने से रोकता है। जो की हार्ट अटैक का कारण भी बनता है। यह ब्लड में मौजूद केलेस्ट्रॉल को भी काम करता है।
  • सिरदर्द की समस्या आजकल आम हो गई है, लोग इससे बहुत परेशान रहते है। सिरदर्द से निजात पाने के लिए भी आप अलसी का प्रयोग कर सकते है सिरदर्द के लिए अलसी बहुत ही लाभप्रद है, अलसी का लेप सिरदर्द  में आराम देगा।
  • अलसी के प्रयोग से आप अपना वजन भी काम कर सकते है। अगर आप इसका रोज़ाना प्रयोग करते है, तो ये आपके शरीर के वसा को काम करता है।
  • अलसी बालो के लिए भी बहुत लाभदायक है। अलसी के तेल से बालो का झड़ना, गंजेपन, दोमुहे जैसे समस्या को दूर करता है, आपके बालो को सिल्की  भी बनता है। यदि आपके बालो को रूखेपन की समस्या हो तो आप २ चम्मच अलसी लीजिये। उसे तब तक गर्म करे जब तक ये गाढ़ा न हो जाये। फिर ठंडा होने के बाद आप उसे उपयोग में ला सकते है। बाल धोने से पहले आप 1 घंटा पहले बालो में लगा कर रखे, फिर ठन्डे पानी से धो ले।
  • आर्थराइटिस के प्रॉब्लम में भी अलसी बहुत ही असरदार है, इसके इस्तेमाल से आर्थराइटिस  का प्रभाव बहुत कम हो जाता  है। अलसी में किसी भी प्रकार के एंटीइन्फ्लामेट्री सूजन को कम करने की, दर्द को ठीक करना का गुण है। अलसी आर्थराइटिस में होने वाले जोड़ो के दर्द और उससे होने वाले प्रभाव को कम करता है ।
  • अलसी हमे कैंसर जैसी-बड़ी बीमारियों से भी बचाता है, अलसी में अल्फ़ा-लिनोलेनिन एसिड, ओमेगा-3  फैटी एसिड होता है ,जो की कैंसर से भी लड़ने में मदद करता है।

डाइबिटीज में भी अलसी का प्रयोग किया  जाता है। अलसी में लिगनेन  नामक तत्व पाया जाता है,जो कि शुगर को कण्ट्रोल करने में मददगार है जिन्हे डाइबिटीज का समस्या हो वो रोज़ाना 25 ग्राम अलसी का प्रयोग कर सकते है।

अलसी में एंटी-ऑक्सीडेंट आपके चेहरे में होने वाले झुर्रियां के लिए भी उपयुक्त है, ये चेहरे में कसाव बना कर रखते है, और चेहरे की चमक को बरकरार रखता है।

अलसी आपके आँखों के लिए भी लाभदायक है, जैसे-आँख आना, आँखों में सूजन, आँखों में लालिमा इन समस्याओ के लिए भी आप अलसी को पानी में फूला कर उसके पानी का भी उपयोग कर सकते है।

कई महिलाये फर्टिलिटी की क्षमता से परेशान होती है, अक्सर वो सोचती है की शादी के तुरंत बाद माँ बने लेकिन कुछ महिलाओ को बच्चे को कंसीव करने में बहुत दिक्कत होती है। ऐसे में महिलाये अलसी का प्रयोग कर सकते है। ये बहुत लाभदायक हो सकते है।

जिन लड़कियों या महिलाओ को PCOD की समस्या है। हार्मोनल से जुड़े दिक्कते हो तो आप अलसी के बीजो का सेवन कर सकते है, ये एस्ट्रोजन हार्मोन को कण्ट्रोल करने में सहायता करता है ।

रात के समय अलसी को 1 चमच्च पानी में भिगो दे, सुबह उठकर खाली पेट अलसी को चबाकर खा ले और उसका पानी पी ले।