अक्सर देखा गया है की हमारे शरीर कुछ बदलाव या कोई बीमारी या कुछ इन्फेक्शन हो तो सीधा असर हमारे शरीर के ऊपरी हिस्से त्वचा में पड़ता है या शरीर में छोटे-छोटे दाने होने लगते है या हमारे नाख़ून टूटने लगेंगे, कमजोर होने लगते है, या फिर कह सकते है नाख़ून का रंग बदलने लगेगा। हस्तरेखा विज्ञान में नाख़ून का सफ़ेद होना शुभ माना जाता है।
नाख़ून में सफ़ेद दाग होना उसका रंग बदलना इसके भी कई कारण हो सकते है। जैसे-फंगल इन्फेक्शन या शरीर के आंतरिक भाग में कोई परेशानी, कोई पोषक तत्वों कि कमी भी हो सकती है। नाख़ून में सफ़ेद दाग होना जिसे साइंस की भाषा में ल्यूकोनाईकिया कहते है। वही पे जब शरीर में कुछ पोषक तत्वों की कमी दिखने लगती है तो उसका असर हमारे नाखुनो में भी दिखने लगते है जैसी जब हमारे नाख़ून बड़े होने के बाद तिरछा होकर टूटता दिखाई देता है। तो इसे प्रकिया को ओनिकोस्चिजिया कहा जाता है। और जब नाख़ून बढ़ते-बढ़ते टूटने लगते है ओनीकोरहेक्सिस कहा जाता है।
नाखूनों में आड़ी-तिरछी लाइन, नाख़ून का रंग पीला, नीला हो जाना। आखिर में ये है क्या और ये क्यों होते है। अगर ऐसी किसी समस्या से आप परेशान हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करे।
वैसे तो एक्सपर्ट नाख़ून देखकर ही सेहत के बारे में बता देते है। आपके शरीर में किस पोषक तत्वों की कमी है। सफ़ेद दाग किसी बीमारियों के कारण तो नहीं। महिलाओ में विटामिन और कैल्शियम के कमी के कारण नाख़ून में सफ़ेद दाग हो जाते है। ऐसे कुछ मिनरल्स होते है जिसके कारण भी नाख़ून में बदलाव देखा जाता है। नाख़ून का टूटना, नाख़ून सफ़ेद होना ये सारी चीजे धीरे-धीरे बढ़ती जाती है। तो आइये जाने इसका कारण-
- शरीर में कुछ न्यूट्रीशन एनीमिया के लक्षण हो सकते है। लिवर, किडनी जैसे-बीमारियों से भी ग्रसित लोगो के नाखुनो में भी सफ़ेद दाग हो सकते है। कुछ लोग बहुत डिप्रेशन में या स्ट्रेस में होते है, ये उसके कारण भी ये होते है।
- नाख़ून का सफ़ेद होना या उसका रंग बदलना का एक कारण ये भी है की हमारे नाख़ून में ट्रामा नामक एक तत्व भी होता है। जिसके कारण नाख़ून में छोटे-छोटे सफ़ेद धब्बे हो जाते है, उसका रंग बदलना कुछ आतंरिक बदलवा की और भी इशारा करते है। नाख़ून का रंग यदि भूरा या हल्का डार्क हो तो ये थाइराइड की और भी इशारा करते है। या आयरन की कमी भी बताते है।
- कई बार देखा गया है की यदि किसी व्यक्ति को हार्ट की समस्या हो, या मलेरिया जैसे- बीमारियों में भी नाख़ून के रंग को बदलता हुआ देखा जा सकता है।
- लड़कियां आजकल मैनीक्योर, पैडीक्योर करवाती है। पार्लर में जो ब्यूटी से रिलेटेड जो केमिकल या प्रोडक्ट प्रयोग में लाया जाता है। वो भी एक बहुत बड़ा कारण हो सकता है, इन्फेक्शन होने का, नाख़ून का रंग बदलना का।
- नाख़ून का कमजोर होना कैल्शियम की कमी को बताता है, इसके अलावा यदि आपके नाख़ून कमजोर, पतले और जल्दी टूट जाते है तो ये फंगल इन्फेक्शन का कारण भी हो सकता है। बॉडी में विटामिन-C या फोलिक एसिड की कमी को ओर इशारा करते है।

- नाख़ून में सफ़ेद दाग कुछ मिनरल्स, कैल्शियम या फिर जिंक के कमी के कारण भी हो सकते है। कैल्शियम, जिंक, आयरन के कारण हमारे बाल झड़ना, बाल रूखे हो जाना, स्किन ड्राई होना, दांत कमजोर होना, पीरियड में गड़बड़ी, दिमाग कमजोर होना जैसे समस्या दिखाई देती है।
- जब हमारे शरीर में जिंक की कमी हो जाती है। तो हमारे घाव बहुत देरी से भरते है, कमजोरी सा महसूस होने लगता है, भूख कम लगता है, वजन काम होना इसका असर भी हमारे नाखुनो में दिखाई देता है।
- नाख़ून में सफ़ेद रंग के आड़ी तिरछी लाइन हो तो न्यूट्रीशन की कमी होती है। और यदि नाख़ून में लाल दाग जैसे हो चोट लगने के संकेत को बताता है।
- नाख़ून का रंग कभी हमे नीला या हल्का बैगनी सा दिखाई देता है क्योकि आपके बॉडी में कभी ऑक्सीज़न या लाल रक्त की कोशिकाओं की कमी हो जाती है। नाख़ून में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाने के कारण भी नाख़ून का रंग बैगनी सा होने लगता है। नाखूनों का नीला होना अस्थमा, निमोनिया, फेफड़ो में रक्त का थक्का जमना ये भी बताता है।
- नाख़ून का पीला रंग होना आपके लिवर की समस्या, पीलिया होने का भी संकेत देते है। पीलिया में आँख, त्वचा, और नाख़ून का रंग पीला पड़ जाता है।
- नाखुनो का पीलापन, मोटे नाख़ून, कड़ा नाख़ून इस बात का भी इशारा करते है की किसी प्रकार का फंगल इन्फेक्शन तो नहीं और ये डाइबिटीज़, एग्ज़ीमा, ऑथोराइटिश के वजह से भी हो सकते है।
- झुर्रीदार नाख़ून या एकदम पतले नाख़ून में अक्सर किसी पोषक तत्वों की कमी, या नाख़ून में इन्फेक्शन या किसी इंटरनल चोट के कारण भी यह समस्या हो सकती है जैसे डाइबिटीज, कीमोथैरपी में टेम्प्रेचर अधिक होने के कारण भी नाखूनों में असर दिखाई देता है। नाखूनों में सफ़ेद दाग के अलावा खरोच जैसी निशान भी हो तो साइरोसिस या एग्ज़ीमा के लक्षण भी हो सकते है या कोई आनुवंशिकी बीमारी भी हो सकती है।